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mahabharat 5.10.7: हे विष्णु! आपने ही (मोहिनी रूप धारण करके) दैत्यों के हाथ से अमृत छीनकर युद्ध में उन सबको मार डाला तथा महाबली दैत्यराज बलि को बाँधकर इन्द्र को देवताओं का राजा बनाया।   |   mahabharat अध्याय 5.10: इन्द्रसहित देवताओंका भगवान‍् विष्णुकी शरणमें जाना और इन्द्रका उनके आज्ञानुसार वृत्रासुरसे संधि करके अवसर पाकर उसे मारना एवं ब्रह्महत्याके भयसे जलमें छिपना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 10: इन्द्रसहित देवताओंका भगवान‍् विष्णुकी शरणमें जाना और इन्द्रका उनके आज्ञानुसार वृत्रासुरसे संधि करके अवसर पाकर उसे मारना एवं ब्रह्महत्याके भयसे जलमें छिपना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  5.10.7 
अमृतं चाहृतं विष्णो दैत्याश्च निहता रणे।
बलिं बद्‍ध्वा महादैत्यं शक्रो देवाधिप: कृत:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
हे विष्णु! आपने ही (मोहिनी रूप धारण करके) दैत्यों के हाथ से अमृत छीनकर युद्ध में उन सबको मार डाला तथा महाबली दैत्यराज बलि को बाँधकर इन्द्र को देवताओं का राजा बनाया।
 
Vishnu! You yourself (in the form of Mohini) snatched the nectar from the hands of the demons and killed them all in the war and after binding the great demon Bali, made Indra the king of the gods.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)