Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.10.40: वृत्रासुर के मारे जाने पर सम्पूर्ण दिशाओं का अंधकार दूर हो गया, शीतल एवं सुखद वायु बहने लगी और समस्त लोग आनन्द से भर गए ॥40॥ | mahabharat अध्याय 5.10: इन्द्रसहित देवताओंका भगवान् विष्णुकी शरणमें जाना और इन्द्रका उनके आज्ञानुसार वृत्रासुरसे संधि करके अवसर पाकर उसे मारना एवं ब्रह्महत्याके भयसे जलमें छिपना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वृत्रासुर के मारे जाने पर सम्पूर्ण दिशाओं का अंधकार दूर हो गया, शीतल एवं सुखद वायु बहने लगी और समस्त लोग आनन्द से भर गए ॥40॥
After Vritraasura was killed, the darkness of all directions disappeared, a cool and pleasant breeze started blowing and all the people were filled with joy. ॥ 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥