श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 10: इन्द्रसहित देवताओंका भगवान‍् विष्णुकी शरणमें जाना और इन्द्रका उनके आज्ञानुसार वृत्रासुरसे संधि करके अवसर पाकर उसे मारना एवं ब्रह्महत्याके भयसे जलमें छिपना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  5.10.39 
सवज्रमथ फेनं तं क्षिप्रं वृत्रे निसृष्टवान्।
प्रविश्य फेनं तं विष्णुरथ वृत्रं व्यनाशयत्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
ऐसा सोचकर इन्द्र ने तुरंत ही वज्र और झाग की बौछार से वृत्रासुर पर आक्रमण किया। उस समय भगवान विष्णु ने झाग में प्रवेश करके वृत्रासुर का नाश कर दिया॥39॥
 
Thinking this, Indra immediately attacked Vritraasura with a thunderbolt and a jet of foam. At that time, Lord Vishnu entered the foam and destroyed Vritraasura.॥39॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)