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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 10: इन्द्रसहित देवताओंका भगवान् विष्णुकी शरणमें जाना और इन्द्रका उनके आज्ञानुसार वृत्रासुरसे संधि करके अवसर पाकर उसे मारना एवं ब्रह्महत्याके भयसे जलमें छिपना
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श्लोक 18
श्लोक
5.10.18
न च शक्नोषि निर्जेतुं वासवं बलिनां वर।
युध्यतोश्चापि वां कालो व्यतीत: सुमहानिह॥ १८॥
अनुवाद
हे बलवानों में श्रेष्ठ वृत्र! फिर भी तुम इन्द्र को नहीं हरा सकते। तुम दोनों ने युद्ध करते हुए बहुत समय व्यतीत कर दिया है॥18॥
O Vritra, the best among the strong! Even then you cannot defeat Indra. You both have spent a lot of time fighting.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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