श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 10: इन्द्रसहित देवताओंका भगवान‍् विष्णुकी शरणमें जाना और इन्द्रका उनके आज्ञानुसार वृत्रासुरसे संधि करके अवसर पाकर उसे मारना एवं ब्रह्महत्याके भयसे जलमें छिपना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  5.10.14 
शल्य उवाच
एवमुक्ते तु देवेन ऋषयस्त्रिदशास्तथा।
ययु: समेत्य सहिता: शक्रं कृत्वा पुर:सरम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
शल्य बोले - हे राजन! भगवान विष्णु की यह बात सुनकर ऋषिगण और देवतागण मिलकर देवेन्द्र को आगे करके वृत्रासुर के पास गये।
 
Shalya said - O King! Upon hearing Lord Vishnu say this, the sages and gods together went to Vritraasura with Devendra in the lead.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)