श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 1: राजा विराटकी सभामें भगवान‍् श्रीकृष्णका भाषण  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  5.1.4 
पाञ्चालराजस्य समीपतस्तु
शिनिप्रवीर: सहरौहिणेय:।
मत्स्यस्य राज्ञस्तु सुसंनिकृष्टो
जनार्दनश्चैव युधिष्ठिरश्च॥ ४॥
 
 
अनुवाद
शिनिवंश के श्रेष्ठ योद्धा सात्यकि तथा रोहिणीनन्दन बलरामजी पांचाल राजा द्रुपद के निकट बैठे थे तथा श्रीकृष्ण तथा युधिष्ठिर मत्स्यराज विराट के अत्यन्त समीप बैठे थे। 4॥
 
Satyaki and Rohininandan Balramji, the best warriors of Shini dynasty, were sitting near Panchal king Drupada and Shri Krishna and Yudhishthir were sitting very close to Matsya king Virat. 4॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas