श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 9: द्रौपदीका सैरन्ध्रीके वेशमें विराटके रनिवासमें जाकर रानी सुदेष्णासे वार्तालाप करना और वहाँ निवास पाना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  4.9.8 
सा तामुवाच राजेन्द्र सैरन्ध्रॺहमुपागता।
कर्म चेच्छाम्यहं कर्तुं तस्य यो मां युयुक्षति॥ ८॥
 
 
अनुवाद
राजन! तब द्रौपदी ने रानी सुदेष्णा से कहा - 'मैं सैरन्ध्री हूँ। जो मुझे अपने यहाँ नौकरी पर रखना चाहता है, उसके यहाँ रहकर मैं सैरन्ध्री का काम करना चाहती हूँ और इसीलिए मैं यहाँ आई हूँ।'॥8॥
 
King! Then Draupadi said to Queen Sudeshna-'I am a Sairandhri. I want to do the work of a Sairandhri by staying at the place of the one who wishes to employ me at his place and that is why I have come here.'॥ 8॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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