श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 9: द्रौपदीका सैरन्ध्रीके वेशमें विराटके रनिवासमें जाकर रानी सुदेष्णासे वार्तालाप करना और वहाँ निवास पाना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  4.9.16 
अलम्बुषा मिश्रकेशी पुण्डरीकाथ मालिनी।
इन्द्राणी वारुणी वा त्वं त्वष्टुर्धातु: प्रजापते:।
देव्यो देवेषु विख्यातास्तासां त्वं कतमा शुभे॥ १६॥
 
 
अनुवाद
क्या तुम अलम्बुषा, मिश्रकेशी, पुण्डरीका या मालिनी नाम की अप्सरा नहीं हो? क्या तुम इन्द्राणी, विश्वकर्मा की पत्नी वारुणी देवी या प्रजापति ब्रह्मा की शक्ति सावित्री हो? शुभ हो! देवताओं में प्रसिद्ध देवियों में से तुम कौन हो? 16॥
 
Are you not an Apsara named Alambusha, Mishrakeshi, Pundarika or Malini? Are you Indrani, Varuni Devi, wife of Vishwakarma or Savitri, the Shakti of Prajapati Brahma? Good luck! Who are you among the famous goddesses among the gods? 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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