श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 72: अर्जुनका अपनी पुत्रवधूके रूपमें उत्तराको ग्रहण करना एवं अभिमन्यु और उत्तराका विवाह  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  4.72.16 
काशिराजश्च शैब्यश्च प्रीयमाणौ युधिष्ठिरे।
अक्षौहिणीभ्यां सहितावागतौ पृथिवीपती॥ १६॥
 
 
अनुवाद
काशीराज और शैब्य दोनों ही युधिष्ठिर के बड़े प्रेमी थे। दोनों राजा एक-एक अक्षौहिणी सेना लेकर उपप्लव्य नगरी में आए।
 
Both Kashiraj and Shaibya were great lovers of Yudhishthira. Both the kings came to the city of Upaplavya with an Akshauhini army each.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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