Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.70.20: जैसे बड़े-बड़े ऋषिगण इन्द्र की स्तुति करते हैं, उसी प्रकार पहले मगधवासी शुद्ध मणि कुण्डल धारण किए हुए आठ सौ सूतों की स्तुति गाते थे ॥20॥ | mahabharat अध्याय 4.70: अर्जुनका राजा विराटको महाराज युधिष्ठिरका परिचय देना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एनमष्टशता: सूता: सुमृष्टमणिकुण्डला:।
अब्रुवन् मागधै: सार्धं पुरा शक्रमिवर्षय:॥ २०॥
अनुवाद
जैसे बड़े-बड़े ऋषिगण इन्द्र की स्तुति करते हैं, उसी प्रकार पहले मगधवासी शुद्ध मणि कुण्डल धारण किए हुए आठ सौ सूतों की स्तुति गाते थे ॥20॥
Just as the great sages praise Indra, in the same way earlier the Magadhas used to sing the praises of eight hundred Sutas wearing pure gem earrings. 20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥