Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.70.14: वह महर्षि, राजा के समान है और समस्त लोकों में विख्यात है। वह बलवान, धैर्यवान, चतुर, सत्यवादी और अपनी इन्द्रियों को वश में रखने वाला है। धन और संचय की दृष्टि से वह इन्द्र और कुबेर के समान है।॥14॥ | mahabharat अध्याय 4.70: अर्जुनका राजा विराटको महाराज युधिष्ठिरका परिचय देना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह महर्षि, राजा के समान है और समस्त लोकों में विख्यात है। वह बलवान, धैर्यवान, चतुर, सत्यवादी और अपनी इन्द्रियों को वश में रखने वाला है। धन और संचय की दृष्टि से वह इन्द्र और कुबेर के समान है।॥14॥
He is like a great sage, a king and is famous in all the worlds. He is strong, patient, clever, truthful and has controlled his senses. In terms of wealth and accumulation, he is like Indra and Kuber. ॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥