| श्री महाभारत » पर्व 4: विराट पर्व » अध्याय 69: राजा विराट और उत्तरकी विजयके विषयमें बातचीत » श्लोक 4-5 |
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| | | | श्लोक 4.69.4-5  | स हि शारद्वतं द्रोणं द्रोणपुत्रं च षड् रथान्।
सूतपुत्रं च भीष्मं च चकार विमुखाञ्छरै:॥ ४॥
दुर्योधनं विकर्णं च सनागमिव यूथपम्।
प्रभग्नमब्रवीद् भीतं राजपुत्रं महाबल:॥ ५॥ | | | | | | अनुवाद | | उसने अपने बाणों से कृपाचार्य, द्रोणाचार्य, अश्वत्थामा, कर्ण, भीष्म और दुर्योधन - इन छहों महारथियों को मारकर युद्ध से भगा दिया। वहाँ जैसे महाबली गजराज अपने हाथियों के समूह सहित भाग जाते हैं, उसी प्रकार दुर्योधन और विकर्ण आदि राजकुमार भयभीत होकर भागने लगे। तब उस महाबली देवपुत्र ने दुर्योधन से कहा -॥4-5॥ | | | | He killed all the six great warriors - Kripacharya, Dronacharya, Ashwatthama, Karna, Bhishma and Duryodhan - with his arrows and made them flee from the battle. There, just like the mighty Gajaraj flees with his herd of elephants, in the same way, the princes like Duryodhan and Vikarna started fleeing in fear. Then that mighty son of the god said to Duryodhan -॥ 4-5॥ | | ✨ ai-generated | | |
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