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mahabharat 4.59.19: राजन! जब अर्जुन ने इस प्रकार वहाँ से दृष्टि हटाकर दूसरी ओर मुख कर लिया, तब बहुत से सैनिक तुरन्त वहाँ पहुँच गए और द्रोणपुत्र के (युद्धभूमि से उठाए हुए) हजारों बाण उन्हें समर्पित कर दिए॥19॥   |   mahabharat अध्याय 4.59: अश्वत्थामाके साथ अर्जुनका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 59: अश्वत्थामाके साथ अर्जुनका युद्ध  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  4.59.19 
तथा तु विमुखे पार्थे द्रोणपुत्रस्य सायकान्।
त्वरिता: पुरुषा राजन्नुपाजह्रु: सहस्रश:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
राजन! जब अर्जुन ने इस प्रकार वहाँ से दृष्टि हटाकर दूसरी ओर मुख कर लिया, तब बहुत से सैनिक तुरन्त वहाँ पहुँच गए और द्रोणपुत्र के (युद्धभूमि से उठाए हुए) हजारों बाण उन्हें समर्पित कर दिए॥19॥
 
King! When Arjuna thus turned his eyes away from there and turned his face in the other direction, many soldiers immediately reached there and surrendered thousands of arrows of Drona's son (picked up from the battlefield) to him.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)