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जाम्बूनदमयै: पुङ्खैश्चित्रचापविनिर्गतै:।
प्राच्छादयदमेयात्मा दिश: सूर्यस्य च प्रभाम्॥ ३९॥
अनुवाद
द्रोणाचार्य, जिनके मन और बुद्धि अपरिमित हैं, ने अपने विचित्र धनुष से छोड़े गए सुनहरे पंख वाले बाणों से समस्त दिशाओं और यहाँ तक कि सूर्य के प्रकाश को भी ढक लिया।
Drona, whose mind and intellect are immeasurable, covered all directions and even the sunlight with the golden-winged arrows shot from his strange bow.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥