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mahabharat 4.57.34: तब कृपाचार्य ने पुनः अपना धनुष और प्रत्यंचा लेकर उस पर एक साथ दस भल्ल नामक बाण चढ़ाये और उन दसों तीखे बाणों से उन्होंने क्षण भर में ही अर्जुन को बींध डाला।   |   mahabharat अध्याय 4.57: कृपाचार्य और अर्जुनका युद्ध तथा कौरवपक्षके सैनिकोंद्वारा कृपाचार्यको हटा ले जाना   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 57: कृपाचार्य और अर्जुनका युद्ध तथा कौरवपक्षके सैनिकोंद्वारा कृपाचार्यको हटा ले जाना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  4.57.34 
युगपच्चैव भल्लैस्तु तत: सज्यधनु: कृप:।
तमाशु निशितै: पार्थं बिभेद दशभि: शरै:॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
तब कृपाचार्य ने पुनः अपना धनुष और प्रत्यंचा लेकर उस पर एक साथ दस भल्ल नामक बाण चढ़ाये और उन दसों तीखे बाणों से उन्होंने क्षण भर में ही अर्जुन को बींध डाला।
 
Then Krupacharya once again took his bow and string and strung ten arrows called Bhall simultaneously on it and with all ten of these sharp arrows he pierced Arjuna in an instant.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)