Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.57.30: किन्तु कुन्तीपुत्र ने उस धनुष को मुड़ी हुई गाँठ वाले बाण से काट डाला, तथा इसी प्रकार शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले, हाथों की निपुणता दिखाने में कुशल पाण्डुपुत्र कृपाचार्य ने उसके अन्य अनेक धनुष भी तोड़ डाले। | mahabharat अध्याय 4.57: कृपाचार्य और अर्जुनका युद्ध तथा कौरवपक्षके सैनिकोंद्वारा कृपाचार्यको हटा ले जाना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
किन्तु कुन्तीपुत्र ने उस धनुष को मुड़ी हुई गाँठ वाले बाण से काट डाला, तथा इसी प्रकार शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले, हाथों की निपुणता दिखाने में कुशल पाण्डुपुत्र कृपाचार्य ने उसके अन्य अनेक धनुष भी तोड़ डाले।
But Kunti's son cut that bow with an arrow having a bent knot, and in the same way, many other bows of Kripacharya were also shattered by Pandu's son, who was skilled in showing dexterity of hands, the slayer of enemy warriors.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥