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mahabharat 4.57.2: उत्तर! जिस रथ की ध्वजा पर स्वर्ण वेदी का चिह्न अंकित है, उसके दाहिनी ओर चलो। उस ओर शरद्वान के पुत्र कृपाचार्य हैं।॥2॥   |   mahabharat अध्याय 4.57: कृपाचार्य और अर्जुनका युद्ध तथा कौरवपक्षके सैनिकोंद्वारा कृपाचार्यको हटा ले जाना   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 57: कृपाचार्य और अर्जुनका युद्ध तथा कौरवपक्षके सैनिकोंद्वारा कृपाचार्यको हटा ले जाना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  4.57.2 
जाम्बूनदमयी वेदी ध्वजे यस्य प्रदृश्यते।
तस्य दक्षिणतो याहि कृप: शारद्वतो यत:॥ २॥
 
 
अनुवाद
उत्तर! जिस रथ की ध्वजा पर स्वर्ण वेदी का चिह्न अंकित है, उसके दाहिनी ओर चलो। उस ओर शरद्वान के पुत्र कृपाचार्य हैं।॥2॥
 
Answer! Walk to the right of the chariot whose flag shows the symbol of a golden altar. Sharadwan's son Kripacharya is on that side.'॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)