श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 55: अर्जुनद्वारा कौरवसेनाका संहार और उत्तरका उनके रथको कृपाचार्यके पास ले जाना  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  4.55.59 
पश्चादेष प्रयातव्यो न मे विघ्नकरो भवेत्।
एतेन युध्यमानस्य यत्त: संयच्छ मे हयान्॥ ५९॥
 
 
अनुवाद
उनके पीछे-पीछे चलो। वे मेरे मार्ग में बाधा नहीं बनेंगे। उनसे लड़ते समय सावधान रहना और मेरे घोड़ों को संभालना। 59.
 
Walk towards them at the back. They will not be a hindrance in my path. Be cautious while fighting with them and handle my horses. 59.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)