श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 52: पितामह भीष्मकी सम्मति  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  4.52.22 
भीष्म उवाच
आचार्य मध्ये तिष्ठ त्वमश्वत्थामा तु सव्यत:।
कृप: शारद्वतो धीमान् पार्श्वं रक्षतु दक्षिणम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
भीष्मजी बोले - आचार्य ! आप मध्य में खड़े हो जाइए, अश्वत्थामा वाम पक्ष की रक्षा करें और शरद्वान के पुत्र बुद्धिमान कृपाचार्य सेना के दक्षिण पक्ष की रक्षा करें ॥22॥
 
Bhishmaji said – Acharya! You stand in the middle, Ashwatthama protects the left wing and the intelligent Kripacharya, son of Sharadvan, protects the right wing of the army. 22॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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