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mahabharat 4.52.14: अतः हे राजन! या तो युद्ध में अपना कर्तव्य निभाओ या धर्मानुसार आचरण करो। युद्ध किए बिना ही अपना राज्य देकर संधि कर लो। जो कुछ करना हो, शीघ्र करो। अर्जुन अब तुम्हारे सिर तक पहुँच गया है।॥14॥   |   mahabharat अध्याय 4.52: पितामह भीष्मकी सम्मति   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 52: पितामह भीष्मकी सम्मति  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  4.52.14 
तस्माद् युद्धोचितं कर्म कर्म वा धर्मसंहितम्।
क्रियतामाशु राजेन्द्र सम्प्राप्तश्च धनंजय:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
अतः हे राजन! या तो युद्ध में अपना कर्तव्य निभाओ या धर्मानुसार आचरण करो। युद्ध किए बिना ही अपना राज्य देकर संधि कर लो। जो कुछ करना हो, शीघ्र करो। अर्जुन अब तुम्हारे सिर तक पहुँच गया है।॥14॥
 
Therefore, O King, either perform your duty in a war or act according to Dharma. Without a war, give away your kingdom and make peace. Whatever you want to do, do it quickly. Arjuna has now reached your head. ॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)