Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.50.20: जो देवताओं के साथ दैवी ढंग से और मनुष्यों के साथ मानवीय ढंग से युद्ध करता है तथा प्रत्येक अस्त्र को उसके विपरीत अस्त्र से नष्ट कर देता है, उसकी बराबरी कौन कर सकता है? ॥20॥ | mahabharat अध्याय 4.50: अश्वत्थामाके उद्गार । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देवं दैवेन युध्येत मानुषेण च मानुषम्।
अस्त्रं ह्यस्त्रेण यो हन्यात् कोऽर्जुनेन सम: पुमान्॥ २०॥
अनुवाद
जो देवताओं के साथ दैवी ढंग से और मनुष्यों के साथ मानवीय ढंग से युद्ध करता है तथा प्रत्येक अस्त्र को उसके विपरीत अस्त्र से नष्ट कर देता है, उसकी बराबरी कौन कर सकता है? ॥20॥
Who can equal Dhananjaya, the son of Kunti, who fights with the gods in a divine manner and with men in a human manner and can destroy every weapon by its opposite weapon? ॥20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥