| श्री महाभारत » पर्व 4: विराट पर्व » अध्याय 50: अश्वत्थामाके उद्गार » श्लोक 1 |
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| | | | श्लोक 4.50.1  | अश्वत्थामोवाच
न च तावज्जिता गावो न च सीमान्तरं गता:।
न हास्तिनपुरं प्राप्तास्त्वं च कर्ण विकत्थसे॥ १॥ | | | | | | अनुवाद | | अश्वत्थामा ने कहा - कर्ण ! हम अभी तक गौओं पर विजय नहीं पा सके हैं, न मत्स्यदेश की सीमा के पार जा सके हैं और न ही हस्तिनापुर पहुँच पाए हैं। फिर तुम इतनी बकवास क्यों कर रहे हो ?॥1॥ | | | | Ashwatthama said - Karna! We have not yet conquered the cows, nor have we been able to go beyond the boundaries of Matsyadesh, nor have we reached Hastinapur. Then why are you talking so much nonsense?॥ 1॥ | | ✨ ai-generated | | |
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