Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.5.8: वैशम्पायनजी कहते हैं - हे राजन! तब हाथियों के राजा के समान पराक्रमी अर्जुन ने तुरन्त ही द्रौपदी को उठा लिया और नगर के निकट पहुँचकर उसे अपने कंधों से नीचे उतार दिया। | mahabharat अध्याय 4.5: पाण्डवोंका विराटनगरके समीप पहुँचकर श्मशानमें एक शमीवृक्षपर अपने अस्त्र-शस्त्र रखना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायनजी कहते हैं - हे राजन! तब हाथियों के राजा के समान पराक्रमी अर्जुन ने तुरन्त ही द्रौपदी को उठा लिया और नगर के निकट पहुँचकर उसे अपने कंधों से नीचे उतार दिया।
Vaishmpayana says - O King! Then Arjuna, who was as valiant as a king of elephants, immediately picked up Draupadi and, reaching near the city, put her down from his shoulders.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥