vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 4: विराट पर्व
»
अध्याय 5: पाण्डवोंका विराटनगरके समीप पहुँचकर श्मशानमें एक शमीवृक्षपर अपने अस्त्र-शस्त्र रखना
»
श्लोक 35
श्लोक
4.5.35
जयो जयन्तो विजयो जयत्सेनो जयद्बल:।
इति गुह्यानि नामानि चक्रे तेषां युधिष्ठिर:॥ ३५॥
अनुवाद
तब युधिष्ठिर ने पाँचों भाइयों के गुप्त नाम क्रमशः जय, जयन्त, विजय, जयत्सेन और जयदबल रखे ॥35॥
Then Yudhishthir kept the secret names of the five brothers as Jai, Jayant, Vijay, Jayatsen and Jayadbal respectively. 35॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas