वैशम्पायनजी कहते हैं- राजन! तत्पश्चात कुन्तीनन्दन युधिष्ठिर ने नकुल को आदेश दिया- 'वीर! तुम इस दीपक पर चढ़ जाओ और धनुष आदि इन अस्त्रों को रख लो॥28॥
Vaishampayanji says- Rajan! Thereafter, Kuntinandan Yudhishthir ordered Nakula - 'Brave! You climb on this lamp and keep these weapons like bow etc. 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥