श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 44: अर्जुनका उत्तरकुमारसे अपना और अपने भाइयोंका यथार्थ परिचय देना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  4.44.10 
उत्तर उवाच
केनासि विजयो नाम केनासि श्वेतवाहन:।
किरीटी नाम केनासि सव्यसाची कथं भवान्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
उत्तरा ने पूछा—आप विजय नाम से क्यों प्रसिद्ध हुए और श्वेतवाहन क्यों कहलाते हैं ? आपको किरीटी नाम से क्यों पुकारा गया ? और आप सव्यसाची नाम से कैसे प्रसिद्ध हुए ?॥10॥
 
Uttara asked—Why did you become known as Vijay and why are you called Shwetvaahan? What is the reason for you being called Kiriti? And how did you become famous by the name Savyasachi?॥10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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