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mahabharat 4.41.1: उत्तर बोला - मैंने सुना था कि इस वृक्ष से एक शव बंधा हुआ है। ऐसी स्थिति में मैं राजकुमार होकर उसे अपने हाथों से कैसे छू सकता हूँ?॥1॥   |   mahabharat अध्याय 4.41: उत्तरका अर्जुनके आदेशके अनुसार शमीवृक्षसे पाण्डवोंके दिव्य धनुष आदि उतारना   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 41: उत्तरका अर्जुनके आदेशके अनुसार शमीवृक्षसे पाण्डवोंके दिव्य धनुष आदि उतारना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  4.41.1 
उत्तर उवाच
अस्मिन् वृक्षे किलोद्‍बद्धं शरीरमिति न: श्रुतम्।
तदहं राजपुत्र: सन् स्पृशेयं पाणिना कथम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
उत्तर बोला - मैंने सुना था कि इस वृक्ष से एक शव बंधा हुआ है। ऐसी स्थिति में मैं राजकुमार होकर उसे अपने हाथों से कैसे छू सकता हूँ?॥1॥
 
Uttar said - I had heard that a corpse is tied to this tree. In such a situation how can I, being a prince, touch it with my hands?॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)