Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.35.15: जैसे हाथियों के समूह का स्वामी गजराज अपने विरोधियों को कुचल देता है, वैसे ही तुम भी अपने धनुष से छोड़े हुए सुवर्णमय पंखों से विभूषित और मुड़े हुए सिरे वाले तीखे बाणों द्वारा अपने विरोधियों की विशाल सेना का संहार करो॥15॥ | mahabharat अध्याय 4.35: कौरवोंद्वारा उत्तर दिशाकी ओरसे आकर विराटकी गौओंका अपहरण और गोपाध्यक्षका उत्तरकुमारको युद्धके लिये उत्साह दिलाना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे हाथियों के समूह का स्वामी गजराज अपने विरोधियों को कुचल देता है, वैसे ही तुम भी अपने धनुष से छोड़े हुए सुवर्णमय पंखों से विभूषित और मुड़े हुए सिरे वाले तीखे बाणों द्वारा अपने विरोधियों की विशाल सेना का संहार करो॥15॥
‘Just as Gajaraja, the lord of a herd of elephants, tramples his opponents, so you should destroy the large army of your opponents with the sharp arrows, decorated with golden feathers and having bent tips, shot from your bow.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥