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श्लोक 4.32.29  |
तथैव मत्स्यराजानं सुशर्मा युद्धदुर्मद:।
पञ्चाशता शितैर्बाणैर्विव्याध परमास्त्रत्त्वित्॥ २९॥ |
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| अनुवाद |
| इसी प्रकार महाशस्त्रज्ञ सुशर्मा ने भी उत्तेजित होकर मत्स्यराज विराट को पचास तीखे बाणों से बींध डाला ॥29॥ |
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| Similarly, the great weapon expert Susharma also got excited and pierced Matsya king Virat with fifty sharp arrows. 29॥ |
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