Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.32.18: यद्यपि भाले के समान मोटी भुजाओं वाले योद्धा क्रोधित होकर एक दूसरे पर घातक प्रहार कर रहे थे, फिर भी वे असली योद्धाओं को युद्ध से विचलित नहीं कर पा रहे थे॥18॥ | mahabharat अध्याय 4.32: मत्स्य तथा त्रिगर्तदेशीय सेनाओंका परस्पर युद्ध । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते घ्नन्त: समरेऽन्योन्यं शूरा: परिघबाहव:।
न शेकुरभिसंरब्धा: शूरान् कर्तुं पराङ्मुखान्॥ १८॥
अनुवाद
यद्यपि भाले के समान मोटी भुजाओं वाले योद्धा क्रोधित होकर एक दूसरे पर घातक प्रहार कर रहे थे, फिर भी वे असली योद्धाओं को युद्ध से विचलित नहीं कर पा रहे थे॥18॥
Even though the warriors with arms as thick as a spear were enraged and attacked each other lethally, they were not able to dissuade the real warriors from fighting.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥