Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.3.8: सहदेव ने कहा, "महाराज! मैं राजा विराट के यहाँ गौशाला का प्रधान बनूँगा, जो गायों की गिनती और जाँच-पड़ताल करूँगा। गायों को नियंत्रित करना और उनका दूध निकालना मुझे अच्छी तरह आता है। मैं उनकी गिनती करने और उन्हें पहचानने में भी कुशल हूँ।" | mahabharat अध्याय 4.3: नकुल, सहदेव तथा द्रौपदीद्वारा अपने-अपने भावी कर्तव्योंका दिग्दर्शन । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सहदेव उवाच
गोसंख्याता भविष्यामि विराटस्य महीपते:।
प्रतिषेद्धा च दोग्धा च संख्याने कुशलो गवाम्॥ ८॥
अनुवाद
सहदेव ने कहा, "महाराज! मैं राजा विराट के यहाँ गौशाला का प्रधान बनूँगा, जो गायों की गिनती और जाँच-पड़ताल करूँगा। गायों को नियंत्रित करना और उनका दूध निकालना मुझे अच्छी तरह आता है। मैं उनकी गिनती करने और उन्हें पहचानने में भी कुशल हूँ।"
Sahadeva said, "Maharaj! I will be the head of the cowshed at King Virat's place, who will keep count and check the cows. I know very well how to control the cows and milk them. I am also skilled in counting and identifying them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥