श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 3: नकुल, सहदेव तथा द्रौपदीद्वारा अपने-अपने भावी कर्तव्योंका दिग्दर्शन  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  4.3.7 
युधिष्ठिर उवाच
सहदेव कथं तस्य समीपे विहरिष्यसि।
किं वा त्वं कर्म कुर्वाण: प्रच्छन्नो विहरिष्यसि॥ ७॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने सहदेव से पूछा - भाई सहदेव! तुम राजा विराट के पास किस प्रकार जाओगे और वहाँ क्या कार्य करोगे तथा वहाँ गुप्त रूप से कैसे रहोगे?॥ 7॥
 
Yudhishthira asked Sahadeva - Brother Sahadeva! How will you go near King Virata and what work will you do there and stay there secretly?॥ 7॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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