श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 3: नकुल, सहदेव तथा द्रौपदीद्वारा अपने-अपने भावी कर्तव्योंका दिग्दर्शन  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  4.3.16 
सुकुमारी च बाला च राजपुत्री यशस्विनी।
पतिव्रता महाभागा कथं नु विचरिष्यति॥ १६॥
 
 
अनुवाद
उसका शरीर अत्यंत सुकुमार है। वह युवा है। यह यशस्वी राजकुमारी अत्यंत सौभाग्यशाली और पतिव्रता है। वह विराटनगर में कैसे रहेगी?॥16॥
 
Her body is very delicate. She is young. This famous princess is extremely fortunate and faithful to her husband. How will she live in Viratnagar?॥ 16॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas