Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.29.d15-d16: हम वहाँ जाकर मत्स्यराष्ट्र का विनाश कर देंगे और राजा विराट के गोधन पर अधिकार कर लेंगे। उनके गोधन का अपहरण करने के बाद पांडव हमसे अवश्य युद्ध करेंगे। ऐसी स्थिति में यदि हम वनवास की अवधि पूरी होने से पहले पांडवों को देख लेते हैं, तो उन्हें बारह वर्षों के लिए पुनः वन में प्रवेश करना पड़ेगा। | mahabharat अध्याय 4.29: कृपाचार्यकी सम्मति और दुर्योधनका निश्चय । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हम वहाँ जाकर मत्स्यराष्ट्र का विनाश कर देंगे और राजा विराट के गोधन पर अधिकार कर लेंगे। उनके गोधन का अपहरण करने के बाद पांडव हमसे अवश्य युद्ध करेंगे। ऐसी स्थिति में यदि हम वनवास की अवधि पूरी होने से पहले पांडवों को देख लेते हैं, तो उन्हें बारह वर्षों के लिए पुनः वन में प्रवेश करना पड़ेगा।
We will go there and destroy Matsyarashtra and take possession of the cattle of King Virat. After kidnapping his cattle, the Pandavas will definitely fight with us. In such a situation, if we see the Pandavas before the completion of the period of exile, then they will have to enter the forest again for twelve years.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥