श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 29: कृपाचार्यकी सम्मति और दुर्योधनका निश्चय  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  4.29.10 
उच्चावचं बलं ज्ञात्वा मध्यस्थं चापि भारत।
प्रहृष्टमप्रहृष्टं च संदधाम तथा परै:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
भारत! उत्तम, मध्यम और निकृष्ट - इन तीन प्रकार की सेनाओं की स्थिति को समझो। उत्तम और मध्यम सेनाएँ सुखी हैं या दुःखी, यह जान लो; तब हम शत्रुओं के साथ संधि या युद्ध कर सकेंगे॥ 10॥
 
‘Bharat! Understand the state of the three types of armies – the best, the medium and the worst. Know whether the best and the medium armies are happy or unhappy; then we can make peace (a treaty or a battle) with the enemies.॥ 10॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas