श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 28: युधिष्ठिरकी महिमा कहते हुए भीष्मकी पाण्डवोंके अन्वेषणके विषयमें सम्मति  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  4.28.22 
गावश्च बहुलास्तत्र न कृशा न च दुर्बला:।
पयांसि दधिसर्पींषि रसवन्ति हितानि च॥ २२॥
 
 
अनुवाद
उस जनपद में बहुत-सी गायें होंगी और वे दुबली-पतली या दुर्बल नहीं होंगी, वरन् बड़ी स्वस्थ और बलवान होंगी। उनका दूध, दही और घी भी बहुत स्वादिष्ट और लाभकारी होगा॥ 22॥
 
‘There will be an abundance of cows in that district and those cows will not be skinny or weak but will be very healthy and strong. Their milk, curd and ghee will also be very tasty and beneficial.॥ 22॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas