Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.25.7-8: वहां उनकी मुलाकात धृतराष्ट्र के पुत्र कुरु नंदन दुर्योधन से हुई, जो द्रोण, कर्ण, कृपाचार्य, महात्मा भीष्म, अपने सभी भाइयों और शक्तिशाली त्रिगर्तों के साथ शाही दरबार में बैठे थे। उनसे मिलकर उन गुप्तचरों ने यह बात कही। 7-8. | mahabharat अध्याय 4.25: दुर्योधनके पास उसके गुप्तचरोंका आना और उनका पाण्डवोंके विषयमें कुछ पता न लगा, यह बताकर कीचकवधका वृत्तान्त सुनाना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहां उनकी मुलाकात धृतराष्ट्र के पुत्र कुरु नंदन दुर्योधन से हुई, जो द्रोण, कर्ण, कृपाचार्य, महात्मा भीष्म, अपने सभी भाइयों और शक्तिशाली त्रिगर्तों के साथ शाही दरबार में बैठे थे। उनसे मिलकर उन गुप्तचरों ने यह बात कही। 7-8.
There they met Dhritarashtra's son, Kuru Nandan Duryodhan, who was sitting in the royal court with Drona, Karna, Kripacharya, Mahatma Bhishma, all his brothers and the mighty Trigartas. On meeting him, those spies said this. 7-8.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥