Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.25.2: उस नगर और राष्ट्र में लोग बड़ी संख्या में एकत्र होते और इस प्रकार बातें करते - 'पराक्रमी कीचक अपने पराक्रम के कारण राजा विराट को बहुत प्रिय था ॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 4.25: दुर्योधनके पास उसके गुप्तचरोंका आना और उनका पाण्डवोंके विषयमें कुछ पता न लगा, यह बताकर कीचकवधका वृत्तान्त सुनाना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस नगर और राष्ट्र में लोग बड़ी संख्या में एकत्र होते और इस प्रकार बातें करते - 'पराक्रमी कीचक अपने पराक्रम के कारण राजा विराट को बहुत प्रिय था ॥ 2॥
People would gather in large numbers in that city and nation and would talk like this - 'The mighty Keechak was very dear to King Virat because of his valor.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥