श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 24: द्रौपदीका राजमहलमें लौटकर आना और बृहन्नला एवं सुदेष्णासे उसकी बातचीत  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  4.24.30 
ततो मामुपनेष्यन्ति करिष्यन्ति च ते प्रियम्।
ध्रुवं च श्रेयसा राजा योक्ष्यते सह बान्धवै:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद वे न केवल मुझे साथ ले जायेंगे, अपितु तुम्हारा भी कल्याण करेंगे। (गन्धर्वों की प्रसन्नता के लिए) राजा विराट का अपने भाइयों तथा सम्बन्धियों सहित अवश्य ही कल्याण होगा।
 
After this they will not only take me along, but will also do good to you. (To the delight of the Gandharvas) King Virata will surely be blessed with welfare along with his brothers and relatives.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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