श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 24: द्रौपदीका राजमहलमें लौटकर आना और बृहन्नला एवं सुदेष्णासे उसकी बातचीत  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  4.24.27 
तामब्रवीद् राजपुत्री विराटवचनादिदम्।
सैरन्ध्रि गम्यतां शीघ्रं यत्र कामयसे गतिम्॥ २७॥
 
 
अनुवाद
तब राजपुत्र सुदेष्णा ने विराट के कथनानुसार उससे कहा - 'सैरन्धि! तुम जहाँ जाना चाहती हो, शीघ्र जाओ।
 
Then Rajputra Sudeshna said to him as per Virat's statement - 'Sairandhri! Wherever you want to go, go quickly.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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