श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 24: द्रौपदीका राजमहलमें लौटकर आना और बृहन्नला एवं सुदेष्णासे उसकी बातचीत  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  4.24.20 
बृहन्नलोवाच
कथं सैरन्ध्रि मुक्तासि कथं पापाश्च ते हता:।
इच्छामि वै तव श्रोतुं सर्वमेव यथातथम्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
बृहन्नला ने पूछा, "सैरन्ध्री! तुम उन पापियों के हाथों से कैसे बच निकलीं? और वे पापी कैसे मारे गए? मैं ये सब बातें तुम्हारे मुख से ज्यों की त्यों सुनना चाहती हूँ।"
 
Brihannala asked - Sairandhri! How did you escape from the hands of those sinners? And how were those sinners killed? I want to hear all these things from your mouth as they are.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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