Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.23.33: राजन! इस प्रकार वे एक सौ पाँच उपकीचक और सेनापति कीचक, जो पहले मर चुके थे, तथा एक सौ छः सारथि पुत्र भी मारे गये। | mahabharat अध्याय 4.23: उपकीचकोंका सैरन्ध्रीको बाँधकर श्मशानभूमिमें ले जाना और भीमसेनका उन सबको मारकर सैरन्ध्रीको छुड़ाना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं ते निहता राजञ्छतं पञ्च च कीचका:।
स च सेनापति: पूर्वमित्येतत् सूतषट्शतम्॥ ३३॥
अनुवाद
राजन! इस प्रकार वे एक सौ पाँच उपकीचक और सेनापति कीचक, जो पहले मर चुके थे, तथा एक सौ छः सारथि पुत्र भी मारे गये।
King! In this manner those one hundred and five Upkeechakas and the commander Keechaka who had died earlier, together with one hundred and six sons of a charioteer were killed.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥