Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.23.27-28h: राजेन्द्र! उन्हें भागते देख वायुपुत्र पराक्रमी भीम ने उस वृक्ष से एक सौ पाँच उपकीचिकाएँ यमराज के घर भेज दीं, जैसे वज्र धारण करने वाले इन्द्र दैत्यों का संहार करते हैं॥27 1/2॥ | mahabharat अध्याय 4.23: उपकीचकोंका सैरन्ध्रीको बाँधकर श्मशानभूमिमें ले जाना और भीमसेनका उन सबको मारकर सैरन्ध्रीको छुड़ाना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजेन्द्र! उन्हें भागते देख वायुपुत्र पराक्रमी भीम ने उस वृक्ष से एक सौ पाँच उपकीचिकाएँ यमराज के घर भेज दीं, जैसे वज्र धारण करने वाले इन्द्र दैत्यों का संहार करते हैं॥27 1/2॥
Rajendra! Seeing them running away, the mighty Bheema, the son of Vayu, sent one hundred and five Upakichikas from that tree to the house of Yamraj, just like Indra wielding the thunderbolt kills the demons. 27 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥