vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 4: विराट पर्व
»
अध्याय 22: कीचक और भीमसेनका युद्ध तथा कीचकवध
»
श्लोक 1
श्लोक
4.22.1
भीमसेन उवाच
तथा भद्रे करिष्यामि यथा त्वं भीरु भाषसे।
अद्य तं सूदयिष्यामि कीचकं सहबान्धवम्॥ १॥
अनुवाद
भीमसेन बोले- भद्रे! मैं जैसा कहूँगा वैसा ही करूँगा। कायर! आज मैं कीचक को उसके भाइयों सहित मार डालूँगा॥1॥
Bhimsen said - Bhadre! I will do as you say. Coward! Today I will kill Keechak along with his brothers.॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×