Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.20.2: यद्यपि मैं राजकुमारी हूँ, फिर भी तुम अपनी आँखों से देख सकते हो कि मुझे कैसा भारी और नीच काम करना पड़ता है; परन्तु सभी लोग उन्नति करने का अवसर ढूँढ़ते रहते हैं; क्योंकि यदि दुःख आता है, तो उसका अन्त भी अवश्य होगा॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 4.20: द्रौपदीद्वारा भीमसेनसे अपना दु:ख निवेदन करना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यद्यपि मैं राजकुमारी हूँ, फिर भी तुम अपनी आँखों से देख सकते हो कि मुझे कैसा भारी और नीच काम करना पड़ता है; परन्तु सभी लोग उन्नति करने का अवसर ढूँढ़ते रहते हैं; क्योंकि यदि दुःख आता है, तो उसका अन्त भी अवश्य होगा॥ 2॥
Even though I am a princess, you can see with your own eyes what kind of heavy and lowly work I have to do; but everyone is looking for an opportunity to prosper; because if suffering comes, it will surely end.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥