श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 2: भीमसेन और अर्जुनद्वारा विराटनगरमें किये जानेवाले अपने अनुकूल कार्योंका निर्देश  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  4.2.9 
आरालिको गोविकर्ता सूपकर्ता नियोधक:।
आसं युधिष्ठिरस्याहमिति वक्ष्यामि पृच्छत:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
यदि महाराज पूछें तो मैं बता दूँ कि मैं राजा युधिष्ठिर के घर में आरालिक (पागल हाथियों को भी वश में करने वाला हाथी प्रशिक्षक), गोविकर्ता (शक्तिशाली बैलों को भी परास्त करने वाला), सूपकर्ता (दाल-साग आदि विविध व्यंजन बनाने वाला) और नियोधक (लड़ाकू पहलवान) रहा हूँ।
 
If Maharaja asks, I will say that I have been Aaraalik (elephant trainer who can tame even mad elephants), Govikarta (one who defeats and tames even mighty bulls), Soopkarta (one who prepares various dishes like dal-saag etc.) and Niyodhaka (fighting wrestler) in the house of King Yudhishthira.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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