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श्लोक 4.2.8  |
न त्वेतान् युद्धॺमानान् वै हनिष्यामि कथञ्चन।
तथैतान् पातयिष्यामि यथा यास्यन्ति न क्षयम्॥ ८॥ |
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| अनुवाद |
| परन्तु मैं इन पहलवानों को किसी प्रकार नहीं मारूँगा; बल्कि मैं तो इन्हें इस प्रकार गिराऊँगा कि ये मरेंगे ही नहीं ॥8॥ |
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| But I will not kill these wrestlers by any means; rather I will throw them down in such a way that they do not die. ॥ 8॥ |
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