श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 2: भीमसेन और अर्जुनद्वारा विराटनगरमें किये जानेवाले अपने अनुकूल कार्योंका निर्देश  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  4.2.8 
न त्वेतान् युद्धॺमानान् वै हनिष्यामि कथञ्चन।
तथैतान् पातयिष्यामि यथा यास्यन्ति न क्षयम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
परन्तु मैं इन पहलवानों को किसी प्रकार नहीं मारूँगा; बल्कि मैं तो इन्हें इस प्रकार गिराऊँगा कि ये मरेंगे ही नहीं ॥8॥
 
But I will not kill these wrestlers by any means; rather I will throw them down in such a way that they do not die. ॥ 8॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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