श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 2: भीमसेन और अर्जुनद्वारा विराटनगरमें किये जानेवाले अपने अनुकूल कार्योंका निर्देश  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  4.2.29 
गीतं नृत्यं विचित्रं च वादित्रं विविधं तथा।
शिक्षयिष्याम्यहं राजन् विराटस्य पुरस्त्रिय:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
राजन! मैं विराटनगर की स्त्रियों को गीत गाना, विचित्र प्रकार से नृत्य करना तथा नाना प्रकार के वाद्य बजाना सिखाऊँगा। 29॥
 
Rajan! I will teach the women of Viratnagar to sing songs, dance in strange ways and play various instruments. 29॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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