| श्री महाभारत » पर्व 4: विराट पर्व » अध्याय 2: भीमसेन और अर्जुनद्वारा विराटनगरमें किये जानेवाले अपने अनुकूल कार्योंका निर्देश » श्लोक 23-24 |
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| | | | श्लोक 4.2.23-24  | हिमवानिव शैलानां समुद्र: सरितामिव।
त्रिदशानां यथा शक्रो वसूनामिव हव्यवाट्॥ २३॥
मृगाणामिव शार्दूलो गरुड: पततामिव।
वर: संनह्यमानानां सोऽर्जुन: किं करिष्यति॥ २४॥ | | | | | | अनुवाद | | जैसे पर्वतों में हिमालय श्रेष्ठ है, नदियों में समुद्र श्रेष्ठ है, देवताओं में इन्द्र श्रेष्ठ हैं, वसुओं में अग्नि हवि ढोने वाले हैं, मृगों में सिंह श्रेष्ठ है और पक्षियों में गरुड़ श्रेष्ठ हैं, उसी प्रकार कवचधारी योद्धाओं में श्रेष्ठ पद वाले अर्जुन विराटनगर में जाकर क्या कार्य करेंगे?॥ 23-24॥ | | | | Just as the Himalayas are the best among mountains, the ocean is the best among rivers, Indra is the best among gods, Agni is the carrier of oblations among Vasus, the lion is the best among deers and Garuda is the best among birds, similarly, what work will Arjuna, who has the highest rank among armor-clad warriors, do after going to Viratnagar?॥ 23-24॥ | | ✨ ai-generated | | |
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