Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.19.d5: जिस प्रकार गौशाला में एक विशाल बैल को बंद कर दिया जाता है, उसी प्रकार कन्याओं के हरम में स्त्री वेश में विकृत अर्जुन को देखकर मेरे मन में बार-बार कुंती देवी का स्मरण हो आता है। | mahabharat अध्याय 4.19: पाण्डवोंके दु:खसे दु:खित द्रौपदीका भीमसेनके सम्मुख विलाप । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिस प्रकार गौशाला में एक विशाल बैल को बंद कर दिया जाता है, उसी प्रकार कन्याओं के हरम में स्त्री वेश में विकृत अर्जुन को देखकर मेरे मन में बार-बार कुंती देवी का स्मरण हो आता है।
Just as a huge bull is confined in the cowshed, similarly seeing Arjuna disfigured in woman's attire in the harem of girls, my mind repeatedly remembers Kunti Devi.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥